CG NEWS:बाजार में दो हज़ार रुपए में बिक रहा है सर्टिफिकेट…….! धर्मजीत सिंह ने सदन में किसके बारे में कहा…?

CG NEWS:रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्न काल के दौरान तखतपुर के भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने  अपनी ही सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को एक सवाल में घेरा । उन्होने अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट को लेकर सवाल किया था। सवाल  – जवाब के दौरान धर्मजीत सिंह ने यह भी कहा कि-  बाजार में   दोहज़ार रुपए  में सर्टिफिकेट बिक रहे हैं।

धर्मजीत सिंह ने सवाल पूछा था कि छत्तीसगढ़ में कुल कितने पंजीकृत शासकीय और  गैर शासकीय अस्पताल संचालित है। अस्पतालों में फायर सेफ्टी के लिए क्या प्रावधान है और फायर सेफ्टी नहीं लेने की स्थिति में क्या कार्रवाई करने का प्रावधान है।  उन्होंने यह भी पूछा था कि अस्पतालों में कब-कब फायर सेफ्टी ऑडिट कराया गया है। जिस अस्पताल में फायर सेफ्टी की उचित व्यवस्था नहीं है उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि प्रदेश में नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीकृत गैर सरकारी अस्पतालों की संख्या 1129 है। इस एक्ट में शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं को पंजीकृत किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक ऐसे भवन जिनकी ऊंचाई 9 मीटर से अधिक हो या जिन में भूतल या दो ऊपरी मंजिलें हो या 30 से अधिक बिस्तर वाले हो या जिनमें कोई क्रिटिकल केयर यूनिट हो, ऐसे अस्पताल को फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र नहीं होने की स्थिति में संस्था के विरुद्ध छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्य  तथा रोगोंपचार संबंधी  अधिनियम के तहत अनुज्ञा पत्र का नियुक्तिकरण अथवा निलंबन की कार्रवाई का प्रावधान है ।साथ ही दंड और जुर्माने का भी प्रावधान है । शिकायत प्राप्त होने पर जांच और नियम अनुसार कार्रवाई की जाती है।

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अनुपूरक प्रश्न करते हुए धर्मजीत सिंह ने कहा कि यह फायर सेफ्टी ऑडिट गंभीर विषय है। कुछ समय पहले मेकाहारा अस्पताल  और एक अन्य अस्पताल में आग लगने की वजह से मरीज की मृत्यु हुई है। यह गंभीर सवाल है। उन्होंने यह जानना चाहा कि 9 मीटर की ऊंचाई से अधिक वाले पैमाने पर छत्तीसगढ़ में कुल कितने सरकारी गैर सरकारी अस्पताल है। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल   ने बताया कि फायर सेफ्टी ऑडिट का कार्य गृह विभाग करता है। इस पर धर्मजीत सिंह ने कहा कि ऐसे में 1129 को सर्टिफिकेट कैसे दिया गय।  जब सर्टिफिकेट दिया गया है तो सुरक्षा की भी जिम्मेदारी है। अस्पतालों में जो मरीज  असक्त होकर मरीज भर्ती होता है। आग लगने की स्थिति में वह न हट सकता है ना भाग सकता है और उसे गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब यह कार्य गृह विभाग करता है तो यह प्रश्न स्वीकार क्यों किया गया।  उन्होंने कहा कि दो हज़ार रुपएमें सर्टिफिकेट बाजार में बिक रहे हैं। साथ ही जानना चाहा कि अस्पतालों की फायर सेफ्टी का ट्रायल कब किया गया है या कब मॉकड्रिल कराया गया है।

इस बार फिर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि ऑडिट का काम गृह विभाग करता है। धर्मजीत सिंह ने कहा कि इसका मतलब है मंत्री के पास इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सदन में गृह मंत्री भी हैं। वे इस मुद्दे पर बोल सकते हैं। धर्मजीत सिंह ने यह भी कहा कि 9 मीटर की ऊंचाई और 30 बिस्तर वाले अस्पतालों की फायर ऑडिट सक्षम अधिकारियों से कराई जानी चाहिए। जो नहीं करें उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह महत्वपूर्ण प्रश्न है। इस पर पिछले  पिछले 5 साल में कुछ नहीं हुआ। यह बात ध्यान में लाई गई है, इस पर कार्रवाई वही करेंगे ।

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